
जमशेदपुर: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। परीक्षा को रद्द कर पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से निष्पक्ष जांच कराने की मांग अब विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से भी उठाई जा रही है। इसी क्रम में ह्यूमन राइट्स मिशन (Human Rights Mission) ने राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की है।
बुधवार को जमशेदपुर स्थित ओल्ड कोर्ट परिसर में आयोजित बैठक में ह्यूमन राइट्स मिशन के पदाधिकारियों ने JPSC अभ्यर्थियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर सरकार को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते अभ्यर्थियों की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो राज्य में व्यापक जनआंदोलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में जिस तरह के सवाल और विवाद सामने आए हैं, उनकी निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच आवश्यक है। इसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की गई कि पूरे मामले की CBI जांच कराई जाए तथा यदि किसी स्तर पर अनियमितता या गड़बड़ी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
संगठन ने यह भी कहा कि सरकार को छात्रों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी चिंताओं का समाधान निकालना चाहिए। वक्ताओं का कहना था कि समय रहते सकारात्मक पहल नहीं होने पर राज्य में दिल्ली के जंतर-मंतर जैसे बड़े आंदोलन की स्थिति बन सकती है। इसलिए सरकार को पारदर्शी और भरोसेमंद निर्णय लेकर अभ्यर्थियों का विश्वास बहाल करना चाहिए।
बैठक में ह्यूमन राइट्स मिशन के राष्ट्रीय निदेशक डॉ. जी. जयरामदास, राष्ट्रीय महासचिव साई प्रसाद, संयुक्त सचिव निशांत कुमार, आत्मविकास डे, रवींद्र कुमार, जसपाल सिंह, जगदीप सिंह और राजीव सिंह सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
इस अवसर पर जोहार जनसेवक पार्टी ने भी JPSC अभ्यर्थियों के आंदोलन का समर्थन व्यक्त किया। पार्टी प्रतिनिधियों ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। सरकार को निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच कराते हुए ऐसा निर्णय लेना चाहिए जिससे अभ्यर्थियों का भरोसा लोकतांत्रिक व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया पर बना रहे।
प्रमुख मांगें
JPSC परीक्षा को रद्द किया जाए।
पूरे मामले की CBI से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
सरकार अभ्यर्थियों के साथ संवाद स्थापित कर समाधान निकाले।
भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए।
