
जमशेदपुर: श्रीनाथ विश्वविद्यालय के नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत गुरुवार को आयोजित भव्य ओरिएंटेशन कार्यक्रम ‘श्रीनाथ शंखनाद 2026’ के साथ हुई। एक्सएलआरआई के सीएच एरिया स्थित सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में नव-नामांकित विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक संस्कृति, अनुशासन, मूल्यों और भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल के चेयरमैन एवं वैदेही मोटर्स के निदेशक श्री डिल्लो पारिख थे। वहीं सम्मानित अतिथि के रूप में रामकृष्ण फोर्जिंग्स लिमिटेड के डिप्टी जनरल मैनेजर (एचआर) श्री रवि एस. राजहंस, ओरेकल इंडिया के सीनियर एसडीएम श्री अनिमेष आनंद, झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल के सदस्य श्री धर्मेंद्र प्रधान तथा जियाडा के डिप्टी रीजनल डायरेक्टर श्री दिनेश कुमार रंजन उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. सुनील केडिया एवं विश्वविद्यालय के वरिष्ठ सलाहकार श्री कौशिक मिश्रा ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद सभी अतिथियों ने नव-नामांकित विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए सफलता, अनुशासन और निरंतर सीखने का संदेश दिया।
मुख्य अतिथि श्री डिल्लो पारिख ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय जीवन उनकी नई यात्रा की शुरुआत है, जो उनके भविष्य की दिशा तय करेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से केवल कक्षा तक सीमित न रहकर जीवन के हर अनुभव से सीखने, बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए कठिन परिश्रम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अनुशासन और निरंतर सीखने की आदत ही विद्यार्थियों को सफल प्रोफेशनल बनाएगी।

अपने प्रेरणादायी संबोधन में श्री जीवराज सिंह संधू ने विद्यार्थियों को तकनीक के सकारात्मक उपयोग का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज मोबाइल फोन एक बड़ी शक्ति है और इसका सही उपयोग ही व्यक्ति के व्यक्तित्व और भविष्य को बेहतर बना सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने तथा टीम भावना के साथ आगे बढ़ने का आग्रह किया।
श्रीनाथ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री सुखदेव महतो ने नव-नामांकित विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा तक पहुंचना विद्यार्थियों की मेहनत और माता-पिता के त्याग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में विद्यार्थियों को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि बहुआयामी प्रतिभा भी विकसित करनी होगी, क्योंकि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में मल्टी-टैलेंटेड होना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने अभिभावकों से भी विश्वविद्यालय का सहयोग करने की अपील करते हुए विश्वास जताया कि संयुक्त प्रयास से विद्यार्थी अपने लक्ष्य तक अवश्य पहुंचेंगे।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘श्रीवाणी’ के नए अंक का विमोचन भी किया गया। डीन एडमिनिस्ट्रेशन डॉ. जे. राजेश ने विद्यार्थियों को अनुशासन, ईमानदारी और कड़ी मेहनत की शपथ दिलाई। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस. एन. सिंह ने भी विद्यार्थियों को प्रेरणादायी संबोधन दिया, जबकि कुलसचिव डॉ. याहिया मजूमदार ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, विभिन्न पाठ्यक्रमों और उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। साथ ही नव-नामांकित विद्यार्थियों का पुष्प देकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
इस अवसर पर संस्था के संस्थापक श्री शंभु महतो एवं श्रीमती संध्या महतो भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, उनके अभिभावक, शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी शामिल हुए।
‘श्रीनाथ शंखनाद 2026’ के सफल आयोजन में डीन एडमिनिस्ट्रेशन डॉ. जे. राजेश, एचआर श्री रविकांत, कॉमर्स एंड मैनेजमेंट विभागाध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय महतो, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष श्री शशिकांत सिंह सहित विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
