
जमशेदपुर। श्रीनाथ विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट की ओर से आयोजित सात दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) “डिमिस्टिफाइंग रिसर्च पेपर राइटिंग: फ्रॉम कॉन्सेप्ट टू मैन्युस्क्रिप्ट” का सफलतापूर्वक समापन हुआ। ऑनलाइन आयोजित यह कार्यक्रम 17 से 23 अगस्त 2026 तक चला।
एफडीपी का उद्देश्य शिक्षकों एवं शोधार्थियों को शोध विचार विकसित करने, शोध पत्र तैयार करने, अकादमिक लेखन को व्यवस्थित करने और गुणवत्तापूर्ण शोध को प्रभावी ढंग से प्रकाशित करने के लिए आवश्यक कौशल एवं जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम के दौरान शोध विषय के चयन, शोध विचार विकसित करने, अकादमिक लेखन, पांडुलिपि तैयार करने तथा शोध पत्र के प्रभावी प्रकाशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। विशेषज्ञ व्याख्यान, व्यावहारिक सत्र और संवादात्मक चर्चाओं के माध्यम से प्रतिभागियों को शोध एवं अकादमिक लेखन की सामान्य चुनौतियों के समाधान से भी अवगत कराया गया।
एफडीपी में डॉ. शिखा अग्रवाल, डॉ. मोहिताश नागोत्रा, डॉ. एम. एम. अंजुम परवेज और डॉ. धीरज निम ने रिसोर्स पर्सन के रूप में हिस्सा लिया और अपने अकादमिक एवं शोध अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम का आयोजन कन्वेनर डॉ. मृत्युंजय महतो के मार्गदर्शन में हुआ, जबकि ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. प्रकाश चौधरी ने कार्यक्रम की योजना, समन्वय और सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एफडीपी का सफल आयोजन श्रीनाथ विश्वविद्यालय की शोध, अकादमिक उत्कृष्टता और शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यक्रम ने विश्वविद्यालय में मजबूत शोध संस्कृति विकसित करने और गुणवत्तापूर्ण अकादमिक प्रकाशनों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
