
जमशेदपुर: 5 अगस्त के आंदोलन के बाद 6 अगस्त 2026 को आजसू छात्र संघ पूर्वी सिंहभूम के जिलाध्यक्ष सोनू कुमार साव और महानगर अध्यक्ष राज सिंह के नेतृत्व में छात्र प्रतिनिधियों ने कोल्हान विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ उच्चस्तरीय वार्ता की। प्रतिनिधिमंडल में जिला सचिव पवन कुमार तथा प्रभावित छात्र प्रतिनिधि एवं वार्ताकार सौरभ झा शामिल रहे।
विश्वविद्यालय पहुंचने के बाद सोनू कुमार साव ने पहले परीक्षा नियंत्रक से मुलाकात की। अपेक्षित समाधान नहीं मिलने पर उन्होंने कुलपति प्रो. अंजीला गुप्ता से मुलाकात की। कुलपति कक्ष में कुलपति के साथ DSW प्रो. संजय यादव, प्रॉक्टर प्रो. राजेंद्र भारती और पूर्व कुलसचिव प्रो. रंजीत कर्ण की मौजूदगी में छात्रों के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
सत्र में देरी का मुद्दा प्रमुख
वार्ता के दौरान छात्रों ने लगातार पीछे चल रहे शैक्षणिक सत्र और परीक्षाओं को लेकर नाराजगी जताई। छात्रों का कहना था कि सत्र में देरी के कारण उनकी पढ़ाई, उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित हो रही है।
सत्र 2022-26 में अत्यधिक देरी को लेकर छात्र प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से सवाल उठाया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुरानी व्यवस्था के कारण सत्र पिछड़ने की बात स्वीकार करते हुए बताया कि अब लगातार परीक्षाएं आयोजित कर स्थिति सुधारने का प्रयास किया जा रहा है।
छात्र संघ ने अक्टूबर 2026 तक सत्र समाप्त करने की मांग रखी, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने व्यावहारिक कठिनाइयों का हवाला देते हुए दिसंबर 2026 से पहले हर हाल में सत्र पूरा करने की समयसीमा बताई।
Alternative Evaluation Model पर भी चर्चा
सोनू कुमार साव ने Jharkhand State Universities Act, 2026 की धारा 96, 97 और 98 का हवाला देते हुए सत्र में हो रही देरी को कम करने के लिए Alternative Evaluation Model अपनाने का सुझाव दिया।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस व्यवस्था को कानून के अनुरूप संभावित विकल्प माना गया, लेकिन इसके लिए Academic Council से परामर्श और आवश्यक निर्णय की जरूरत बताई गई।
वहीं, DSW की ओर से सत्र 2023-27, 2024-28 और 2025-29 को लेकर बताया गया कि भविष्य में सत्रों की देरी कम करने की दिशा में व्यवस्था तैयार की जा रही है और किसी भी स्थिति में सितंबर से अधिक का विलंब नहीं होने देने का प्रयास किया जाएगा।
कॉलेजों की व्यवस्था पर भी उठे सवाल
वार्ता में महाविद्यालयों में शिक्षकों की अनुपस्थिति, नियमित कक्षाएं नहीं चलने, पठन-पाठन की स्थिति और साफ-सफाई की समस्या का मुद्दा भी उठाया गया।
सोनू कुमार साव ने कुलपति से मांग की कि विश्वविद्यालय प्रशासन समय-समय पर महाविद्यालयों का Surprise Inspection करे, ताकि कॉलेजों की वास्तविक स्थिति का आकलन मौके पर जाकर किया जा सके।
आश्वासन पूरा नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
आजसू छात्र संघ के जिलाध्यक्ष सोनू कुमार साव ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन 4 अगस्त 2026 को जारी नए अकादमिक कैलेंडर और वार्ता के दौरान दिए गए आश्वासनों का कड़ाई से पालन नहीं करता है, तो छात्र संघ विश्वविद्यालय के खिलाफ बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएगा।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आंदोलन की पूरी जवाबदेही विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
