
2016 की घटना के बाद सर्वाइकल इंजरी के कारण बिस्तर पर जीवन बिताने को मजबूर युवक ने मुख्यमंत्री, विधायक और जिला प्रशासन से सहायता एवं न्याय की अपील की।
धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी तहसील अंतर्गत ग्राम देवपुर निवासी शशिकांत भरत ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, स्थानीय विधायक श्रीमती अंबिका मरकाम तथा कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा सहित शासन-प्रशासन से अपने इलाज, आर्थिक सहायता और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शशिकांत भरत ने अपने बयान में कहा है कि वह पेशे से एक विद्यार्थी थे और धमतरी भटगांव आईटीआई में कंप्यूटर प्रशिक्षण की पढ़ाई कर रहे थे। उनके अनुसार, 11 नवंबर 2016 को जेठौनी त्योहार की छुट्टी के दौरान वह आईटीआई से अपने गांव देवपुर लौट रहे थे। इसी दौरान दुकली थाना क्षेत्र के गचकन्हार गांव के पास उनके साथ एक गंभीर घटना हुई, जिसमें किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उन पर हमला किए जाने का आरोप उन्होंने लगाया है।
शशिकांत के अनुसार, इस घटना में उन्हें गंभीर चोटें आईं और बाद में डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को सर्वाइकल इंजरी बताया, जिसके कारण उनका पूरा शरीर लकवाग्रस्त हो गया। उन्होंने कहा कि घटना के बाद से वह लगातार बिस्तर पर हैं और सामान्य जीवन नहीं जी पा रहे हैं।
पीड़ित के अनुसार, उनके माता-पिता ने इलाज के लिए कर्ज और ऊंची ब्याज दरों पर पैसा लेकर उनका उपचार कराया। हालांकि लंबे समय तक चले इलाज और आर्थिक बोझ के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर हो गई है। उनका कहना है कि वर्तमान में परिवार के पास आगे का इलाज कराने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं और परिवार की आय का बड़ा हिस्सा पुराने कर्ज चुकाने में खर्च हो जाता है।
शशिकांत ने बताया कि घटना के संबंध में पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। उनके अनुसार, मामला दुकली थाना क्षेत्र से संबंधित था और पुलिस द्वारा मामले की जांच की गई थी, लेकिन वह जांच की प्रक्रिया और परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परिस्थितियों के कारण उनके परिवार को मामला आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय लेना पड़ा।
उन्होंने यह भी कहा कि 11 जनवरी 2023 को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सिहावा विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान उन्होंने अपनी समस्या उनके समक्ष रखने का प्रयास किया था। इसके अलावा उन्होंने वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भी कई बार मुलाकात करने और अपनी बात पहुंचाने का प्रयास करने की बात कही है। उनके अनुसार, उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय में भी आवेदन जमा कराया है
अपने बयान में शशिकांत भरत ने कहा है कि वह लंबे समय से शारीरिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं और अब वह सरकार से अपने मामले की सीबीआई जांच, बेहतर चिकित्सा सुविधा तथा आर्थिक सहायता की मांग कर रहे हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के नागरिकों और सामाजिक संगठनों से भी उनकी आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने और न्याय तथा इलाज की मांग में सहयोग करने की अपील की है।
